प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर निबंध – Essay on Ujjwala Yojana in Hindi & English Pdf Download

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भारत सरकार द्वारा निकाली गई एक ऐसी योजना है जो की भारत के गरीब श्रेत्र के लोगो को लाभ देती है| इस योजना का शिलान्याश प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तरप्रदेश के बल्लिया श्रेत्र में हुआ था| इस योजना को 10 मार्च 2016 में लागू किया गया| इस योजना द्वारा भारत सरकार गरीब श्रेत्र की वे महिलाए जिनके घर में एलपीजी गैस नहीं है और जो लकड़ी या मिट्टी के तेल द्वारा भोजन बनाती है उन 6 करोड़ महिलाओ को इस योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन से जोड़ना है| आज के इस पोस्ट में हम आपको उज्ज्वला योजना पर निबंध, ujjwala yojana nibandh in hindi, ujjwala yojana essay, उज्ज्वल योजना एस्से इन हिंदी, pm ujjwala yojana essay in hindi, short essay, 250 words, for ssc cgl, for ias, for ssc chsl, for upsc, pdf, इन हिंदी, मराठी, इंग्लिश, पंजाबी, बांग्ला, गुजराती, तेलगु, तमिल आदि भाषा में जानकारी प्रदान करेंगे जो की छात्र अपने स्कूल के निबंध प्रतियोगिता, कार्यक्रम अथवा भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये निबंध हमने कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए प्रदान करें|

Essay on Ujjwala Yojana

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देश के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र के इतिहास में नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने शासनकाल के पहले तीन वर्षों के दौरान उज्ज्वला योजना, सब्सिडी छोड़ो योजना, ऊर्जा गंगा योजना सहित कई नई पहल शुरू करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में उतार-चढ़ाव जैसी परिस्थितियों का सामना किया।

ऊर्जा सुरक्षा के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में निश्चित कदम उठाते हुए सरकार ने एलपीजी नेटवर्क को फैलाकर इस क्षेत्र को समृद्ध बनाने की योजना पर काम किया। ऊर्जा सुरक्षा के लिए रास्ता तैयार करने की दिशा में निम्न, मध्य और उच्च वर्गों के लिए कई पहलों की शुरुआत की गई और कई अन्य पहल अभी विचाराधीन हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए। सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत अगले तीन सालों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली 5 करोड़ से अधिक महिलाओं को नए एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 8000 करोड़ रुपये को मंज़ूरी दी है।

अन्य प्रमुख योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना नए कनेक्शन जारी करने के मामले में वित्त वर्ष 2016-17 में निर्धारित लक्ष्य को पार गई है। बीपीएल परिवारों के लिए शुरू की गई उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पहले ही साल में 2.20 करोड़ से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान के अनुसार वित्त वर्ष के लिए निर्धारित किए गए 1.5 करोड़ के लक्ष्य को पार कर लिया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 1 मई को उत्तर प्रदेश के बलिया में की गई थी।

वित्त वर्ष 2016-17 में तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 3.25 करोड़ नए एलपीजी कनेक्शन जारी किए हैं। किसी भी एक वित्त वर्ष में जारी यह सबसे अधिक एलपीजी कनेक्शन हैं। अब देशभर में कुल एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह साल 2014 में 14 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं की तुलना में काफी लंबी छलांग है। एलपीजी की मांग में 10% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में 4600 नए एलपीजी वितरकों को जोड़ा गया है, इनमें से ज्यादातर वितरक ग्रामीण या उससे सटे हुए क्षेत्रों में जोड़ गए हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि नए उपभोक्ताओं में से 85 फीसदी से भी अधिक उपभोक्ताओं ने सिलेंडर को दोबारा भरवाने के लिए गैस एजेंसियों से संपर्क किया है। पीएमयूवाई के अंतर्गत करीब 38 फीसदी लाभार्थी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से हैं। ‘पहल’ नामक विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना ने बिचौलियों को खत्म कर, उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी की राशि को उपभोक्ता के पंजीकृत बैंक खाते में सीधे स्थानांतरित करना सुनिश्चित किया है। योजना शुरू होने के बाद, 40,000 करोड़ रुपये से भी अधिक सब्सिडी राशि, 204 करोड़ लेनदेन के माध्यम से एलपीजी उपभोक्ताओं के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। पहल योजना की सफलता का अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इस योजना को विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के रूप में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

इस योजना के परिणामस्वरूप, पिछले दो वर्षों में 21,000 करोड़ रुपये अथवा 3.2 बिलियन अमरीकी डॉलर की अनुमानित बचत भी हुई है। देशभर में सब्सिडी छोड़ने की पहल का डंका भी खूब गूंजा। 1.05 करोड़ परिवारों ने स्वैच्छिक रूप से अपनी एलपीजी सब्सिडी को त्याग दिया, ताकि इस सब्सिडी का लाभ ज़रूरतमंद उपभोक्ताओं को मिल सके। वित्त वर्ष 2015-16 में करीब 64 लाख ऐसे नए बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन जारी किए गए, जिन्होंने स्वैच्छा से सब्सिडी न लेने का निर्णय लिया। वाराणसी के निवासियों को आगामी दो वर्षों में पाइप लाइन के जरिए रसोई गैस मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी “गंगा ऊर्जा” योजना की शुरुआत की गई। यह योजना वाराणसी के बाद, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लोगों की ज़रूरतों को भी पूरा करेगी। यह योजना पांच राज्यों के 40 ज़िलों और 26 गांवों की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करेगी। यह योजना तीन बड़े उर्वरक संयंत्रों के पुनरुत्थान के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। यह 20 से अधिक शहरों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देगी और 7 शहरों में गैस नेटवर्क का विकास करने में मदद करेगी, जिसके परिणामस्वरूप, बड़ी संख्या में नौकरियों की संभावना बढ़ेगी। पिछले कुछ सालों के दौरान देश में रिफाइनिंग क्षमता में काफी अधिक वृद्धि हुई है। पारादीप रिफाइनरी के चालू से वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान रिफाइनिंग क्षमता में 15 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) की क्षमता का विस्तार हुआ है। इस वृद्धि के साथ, अब रिफाइनिंग क्षमता 230.066 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष पर पहुंच गई है। सरकार ने घरेलू स्तर पर मांग को पूरा करने के लिए देश में तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई नीतिगत पहल और प्रशासनिक उपाय किए हैं। सरकार ने विभिन्न चरणों के अंतर्गत 01 अप्रैल 2017 से देशभर में बीएस-4 ऑटो ईंधन के कार्यान्वयन को अधिसूचित कर दिया है। यह निर्णय लिया गया है कि देश बीएस -4 से सीधे बीएस -6 ईंधन के मानकों पर पहुंचेगा और बीएस -6 मानकों को 1 अप्रैल, 2020 से लागू कर दिया जाएगा।

Ujjwala Yojana Par Nibandh

ये पीएम उज्ज्वला योजना एस्से class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है| इसमें हमने Hindi, हिंदी फॉण्ट, मराठी, गुजराती, Urdu, उर्दू, English, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada, sanskrit, Tamil में साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection दिया है|

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का सबसे बड़ा फायदा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए है। अगर उनके घर में रसोई गैस (एलपीजी) का कनेक्शन नहीं है तो वह प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन ले सकते हैं। अगर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन लेते हैं तो उन्हें सरकार की तरफ से 1600 रुपए की मदद मिलती है।

पहले गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को भी गैस कनेक्शन लेने के लिए उतना ही खर्च करना पड़ता था जितने खर्च बाकि लोगों को करने पड़ते थे। लेकिन अब गरीबों को गैस कनेक्शन सस्ते में मिल पाएगा। असल में गैस कनेक्शन लेने में थोड़े खर्च उठाने पड़ते हैं और उस खर्च में गैस चूल्हा और सिलेंडर का दाम भी होता है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में मिलने वाले रकम से गरीबों को कम खर्च में ही गैस कनेक्शन मिल जाएगा।

अब देखते हैं कि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन कैसे ले सकते हैं तो सबसे पहले तो परिवार गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए। इसके लिए पंचायत से एक सर्टिफिकेट लेना पड़ता है और परिवार के पास BPLकार्ड भी होना चाहिए और जिनके नाम पर गैस कनेक्शन लेगें, उनका बीपीएल कार्ड में नाम होना जरूरी है। BPL राशन कार्ड भी चल सकता है। इसके लिए एक फोटो ID जैसे कि आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र और एक पासपोर्ट साइज फोटो चाहिए। इन सब डाक्यूमेंट्स को लेकर गैस एजेंसी के पास जाना चाहिए और वह आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म देगा। फॉर्म भरने के बाद और उसे जमा करने के बाद उन्हें गैस कनेक्शन मिल जाएगा।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की सबसे खास बात यह है कि यह कनेक्शन परिवार के प्रधान महिला के नाम पर ही लिया जाता है। इसलिए परिवार की जो सबसे प्रमुख महिला है उसके पास अपना बैंक अकाउंट होना चाहिए। सिलेंडर पर मिलने वाला सब्सिडी उनके बैंक खाते में जमा हो जाएगा। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के नियम समय के साथ बदल भी सकते हैं, इसलिए इसकी पूरी और सही जानकारी के लिए अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना ना भूलें।

Ujjwala Yojana Essay in Hindi

Ujjwala Yojana Par Nibandh

प्रधानमंंत्री उज्‍ज्‍वला योजना श्री नरेंद्र मोदी सरकार की महिला सशक्‍तिकरण की दिशा में एक महत्‍वकांक्षी समाज कल्‍याण की योजना है।जिसकी शुरूआत 1मई, 2016 को अंतर्राष्‍ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर उत्‍तरप्रदेश के बलिया जिले से बीपीएल परिवारों की10 महिलाओं को निशुल्‍क एलपीजी कनेक्‍शन प्रदान कर की गई। प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना का उद्देश्‍य देश के सभी बीपीएल परिवारों को रसोई गैस कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराना है।

योजना का मुख्‍य कार्य ग्रामीण्‍ा भारत मेें खाना पकाने के लिए इस्‍तेमाल होने वाले अशुद्ध ईंधन की जगह स्‍वच्‍छ और अधिक कुशल रसोई गैस (एलपीजी) का उपयोग करना है। यह योजना देश भर में पांच करोड़ बीपीएल परिवारों की महिला सदस्‍यों को एलपीजी कनेक्‍शन उपलब्‍ध करना और योजना के पहले साल करीब 1.5 करोड़ गरीब परिवारों को उज्‍ज्‍वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्‍शन देेेेने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है।

इस योजना के मुख्‍य उद्देश्‍य हैं- 1.महिलाओं को सशक्‍त बनाना और उनके स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा करना। 2. जीवाश्‍म ईंधन से खाना पकाने से होने वाले गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य खतरों को कम करना। 3. अशुद्ध ईंधन के कारण भारत में होने वाली मौतों की संख्‍या को कम करना। 4. जीवाश्‍म ईंधन के धर के अंदर जलने से वायु प्रदूषण के कारण तीव्र श्‍वसन की वजह से युवा बच्‍चों की बिमारियों से रोकथाम।

इस योजना के लिए वित्‍त वर्ष 2016-2017 के लिए 2000 करोड़ रूपये आवंटित किए हैैं और सरकार चालू वित्‍त वर्ष के भीतर लगभग 1.5 करोड़ बीपीएल परिवारों को एलपीजी करनेक्‍शन वितरित करने का लक्ष्‍य रखे हुए है। इसके तहत प्रत्‍येक परिवार को लगभग 1600 रूपये की वित्‍तिय सहायता दी जाएगी और कनेक्‍शन परिवार की महिला मुखिया के नाम पर दिया जाएगा। इस योजना की टैग लाईन है-स्‍वच्‍छ ईंधन, बेहतर जीवन। इस योजना के तहत 1800 266 6696 एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। जो योजना से संबंंधित समस्‍याओं का समाधान करने के 24 घंटे उपलब्‍ध है।
इस योजना के क्रियांवयन के लिए सरकार ने तीन वर्षों में आठ हजार करोड़ रूपये का कुल बजटीय आवंटन किया है। ‘Give-It-Up’ अभियान के माध्‍यम से एलपीजी सब्‍सीडी में बचाए पैसे का उपयोग कर इस योजना को घर-घर तक पहुँचाया जाएगा।

Essay on Ujjwala Yojana in English

The Pradhan Mantri Ujwala Yojna is an effective scheme to aid poor section of Indian society.

Prime Minister Narendra Modi has launched the Pradhan Mantri Ujjwala Yojana in Ballia, Uttar Pradesh. While launching this beneficial scheme, PM Modi said that the cooking gas scheme will benefit 5 crore families till 2019. “We have shown how the petroleum sector is for the poor.”

The Pradhan Mantri Ujwala Yojna was started on 10 March 2016 by the Cabinet Committee on Economic Affairs of Indian Government, which is regulated by Narendra Modi.

This programme is anticipated to be implemented over a period of three years, till fiscal 2018-19. Intent of this scheme is to make cooking gas (liquefied petroleum gas or LPG) available to women from families that are financially backward.

The scheme will look to implement the said programme on an emergency basis. The plan had been initially announced in the 2016-17 Union Budget by Arun Jaitley. The Union Finance Minister had reasoned that the programme was being shaped since poor women did not have any cooking gas.

It is estimated that the Pradhan Mantri Ujwala Yojana will assist approximately 1 crore 50 lakh households that presently live below the poverty line. The programme is also expected to cover five crore such households in all.

Main objectives of Pradhan Mantri Ujwala Yojana are mentioned below:

  • Enhancing the status of women and caring their health.
  • Help to decrease air pollution due to use of fossil fuel.
  • Lessening the serious health risks related with cooking based on fossil fuels.
  • Reducing the number of deaths due to unclean cooking fuels, which is about 5 lakh every year in India.
  • Preventing young children from acute respiratory illnesses caused due to indoor air pollution by burning the fossil fuels.
  • The scheme will be implemented by the Ministry of Petroleum & Natural Gas.

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